श्रद्धा मर्डर केस : जेल मे साहित्य और उपन्यास की किताबें पढ़ेगा आफताब, तिहाड़ प्रशासन से मांगी बुक्स

नई दिल्ली । श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपित आफताब अमीन पूनावाला ने तिहाड़ जेल प्रशासन से उपन्यास और साहित्य की किताबें उपलब्ध कराने को कहा है। ताकि वह जेल में रहकर इन्हें पढ़ सके। बृहस्पतिवार को हुए नार्को टेस्ट में आफताब ने श्रद्धा के हत्या की बात कबूली है। तिहाड़ जेल प्रशासन के सूत्र ने बताया कि आफताब के साहित्य और उपन्यास की किताबें जल्दी ही उपलब्ध कराई जाएंगी।

श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपित आफताब अमीन पूनावाला ने अपने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट में और पुलिस पूछताछ के दौरान सारे जवाब एक-दूसरे से मेल खा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, 14 दिनों की पुलिस हिरासत के दौरान पूनावाला का इकबालिया बयान, उसके पॉलीग्राफ और नार्को एनालिसिस टेस्ट के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब एक समान हैं।

हत्या की बात कबूली

पुलिस के सूत्र ने बताया है कि पॉलीग्राफ और नार्को-एनालिसिस दोनों टेस्टों में आफताब ने पूरा सहयोग किया था। वहीं पूछताछ के दौरान पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों के भी उसने वही जवाब दिए, जो उसने बाकी टेस्ट में दिए थे। पुलिस सूत्र के अनुसार आफताब ने इस बात को स्वीकार किया है कि उसी ने अपनी लिव-इन-गर्लफ्रेंड (श्रद्धा वालकर) की हत्या की और यह भी स्वीकार किया कि उसने दिल्ली के वन क्षेत्रों के विभिन्न स्थानों पर उसके शव के टुकड़े फेंके थे।

30 से ज्यादा सवालों के आफताब ने दिए सही जवाब

इसके अलावा आफताब ने बताया कि नार्को टेस्ट में हत्या करने के बाद उसने इसकी जानकारी भी किसी से साझा की थी। श्रद्धा के टुकड़े करने का ख्याल उसे कैसे आया। हत्या करने के बाद सबसे पहले उसने क्या किया। शव के टुकड़े उसने कहां-कहां फेंके। पहला टुकड़ा कौन-सा फेंका? आखिरी टुकड़ा कौन-सा फेंका व कहां फेंका? श्रद्धा का सिर कहां फेंका? श्रद्धा का मोबाइल कहां फेंका? क्या शव के टुकड़े फेंकने में उसकी किसी दोस्त ने भी मदद की थी। आफताब से यह भी पूछा गया कि उसने हत्या करने के बाद या पहले कौन-कौन सी फिल्म या वेब सीरीज देखी।