छत्तीसगढ़ः प्रदेश के कलाकारों को मिलेगा विदेशों में भी मंच,संस्कृति विभाग ने किया ICCR से समझौता, देश-विदेश में प्रस्तुतियों का नया रास्ता खुला

संस्कृति विभाग ने ICCR से किया समझौता, देश-विदेश में प्रस्तुतियों का नया रास्ता खुला|रायपुर,Raipur - Dainik Bhaskar

रायपुर। छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के बीच एक नया समझौता हुआ है। इस समझौते से प्रदेश के कलाकारों के लिए विदेशों में भी मंच मिलने का रास्ता खुल गया है। इस समझौते से राज्य में संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं भी खुलेंगी।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने दिल्ली में एक समारोह का आयोजन किया। इसमें छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत सहित विभागीय अधिकारी शामिल हुए। इस समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम सरकार के संस्कृति मंत्री भी मौजूद रहे। यहां पर राज्यों के साथ ICCR का अलग-अलग द्विपक्षीय समझौता हुआ। अधिकारियों ने बताया, इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ICCR और राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में संस्कृति और पर्यटन विषयक सुविधाओं का विकास और विस्तार है। इसके लिए सुदृढ़ अधोसंरचनाओं के निर्माण के साथ ही अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को विकसित करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है। इस समझौते से विभिन्न देशों के प्रतिभागी कलाकारों की प्रस्तुति छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक और पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों हो सकेगी। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के कला समूहों की प्रदर्शनी, कला शिविरों, संगोष्ठी, सम्मेलन प्रदर्शनकारी कलाओं की कार्यशाला आदि का आयोजन विदेशों में आयोजित हो सकेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

सांस्कृतिक आयोजनों पर खर्च भी साझा होगा

बताया जा रहा है, इस समझौते के तहत ICCR विदेशों में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन, राज्य स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आदि करेगा। पर्यटन एवं उद्योगों को बढ़ावा देने वाले ऐसे समारोहों के लिये आने वाला खर्च परिषद और राज्य सरकार मिलकर साझा करेंगे।

राज्योत्सव में विदेशी कलाकार ICCR की मदद से ही आये

अधिकारियों का कहना है, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव के दौरान विदेशों से आए नर्तक दलों को यहां आमंत्रित करने में ICCR की बड़ी भूमिका रही है। आयोजन उपरांत उन्हें ससम्मान उनके देश वापसी में भी यह संस्था काम आई है। यह विदेशों में भारतीय संस्कृति की राजदूत है।